तुलसी तुलसी सब करें, तुलसी बन की घास,
हो गयी कृपा राम की तो बन गए तुलसी दास..रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चित्काए,
टूटे से फिर न जुड़े, जो जुड़े तो गांठ पड़ जाये..
तुलसी तुलसी सब करें, तुलसी बन की घास,
हो गयी कृपा राम की तो बन गए तुलसी दास..रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चित्काए,
टूटे से फिर न जुड़े, जो जुड़े तो गांठ पड़ जाये..


Hand-cut paper and wood sculptures by Jen Stark